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*विषय: वैचारिक विमर्श में दोहरे मापदंड पर चिंतन की आवश्यकता - राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल*

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*विषय: वैचारिक विमर्श में दोहरे मापदंड पर चिंतन की आवश्यकता - राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल*

*प्रेस विज्ञप्ति*  
*दिनांक: 28/05/2026*  
*डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच, नई दिल्ली*  

*विषय: वैचारिक विमर्श में दोहरे मापदंड पर चिंतन की आवश्यकता - राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल*

आज नई दिल्ली में कार्यकर्ताओं से चर्चा के दौरान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष *बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल* ने वैश्विक और राष्ट्रीय घटनाओं पर मीडिया व सामाजिक विमर्श के दोहरे मापदंड पर चिंता व्यक्त की।

*मुख्य बिंदु:*  

*1. इतिहास से सबक:*  
बाबूजी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक भूमि केरल में पहली मस्जिद का निर्माण एक हिंदू राजा ने अरब व्यापारियों के लिए करवाया था। वहीं कश्मीर कभी विशुद्ध सनातन भूमि थी। इतिहास में जनसांख्यिकीय परिवर्तन के कारणों पर तथ्यपरक अध्ययन होना चाहिए, ताकि भविष्य की पीढ़ियाँ सचेत रहें।

*2. मीडिया विमर्श पर प्रश्न:*  
उन्होंने एक फिल्मी संवाद का उदाहरण देते हुए कहा - "रोज़ाना लाखों मछलियाँ खाई जाती हैं, खबर नहीं बनती। पर अगर एक मछली इंसान को खा ले तो हर जगह हेडलाइन बनती है।" इसी तरह वैश्विक आतंक की घटनाओं पर प्रतिक्रिया में भी समानता होनी चाहिए।

*3. वैश्विक घटनाओं का उल्लेख:*  
बाबूजी ने न्यूज़ीलैंड मस्जिद हमले पर विश्व-भर में हुई प्रतिक्रिया का जिक्र किया और कहा कि केन्या मॉल हमला, सीरिया में यज़ीदी समुदाय पर अत्याचार, बांग्लादेश कैफे हमला, कश्मीरी हिंदुओं का पलायन, पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लड़कियों के जबरन धर्मांतरण, गोधरा ट्रेन अग्निकांड, और नाइजीरिया में बोको हरम के हमलों जैसी घटनाओं पर भी उतनी ही संवेदनशीलता व विमर्श होना चाहिए।

*4. हमारा मौन सबसे बड़ा प्रश्न:*  
"जब हम अपने ऊपर हुए अन्याय पर मौन रहते हैं, तो वह मौन ही नए संकट को निमंत्रण देता है।" बाबूजी ने कहा कि राष्ट्र को तथ्यों के आधार पर एक समान मानवीय दृष्टिकोण अपनाना होगा। पीड़ित किसी भी समुदाय का हो, न्याय और संवेदना सबके लिए बराबर होनी चाहिए।

*5. संगठनात्मक बैठकें:*  
बाबूजी आज एक दिवसीय दिल्ली प्रवास पर हैं। वे भाजपा राष्ट्रीय कार्यालय में "मिशन 2026" पर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे। पश्चिम बंगाल संगठन में युवा नेतृत्व को आगे लाने और राष्ट्रवादी विचारधारा को सत्ता में प्रभावी भागीदारी दिलाने पर मंथन होगा। इससे पूर्व वे श्री कृष्ण परनामी मंदिर, रोहिणी में दर्शन करेंगे।

मंच का मानना है कि "सेक्युलरिज्म का अर्थ तुष्टिकरण नहीं, बल्कि कानून का समान शासन है।" राष्ट्रहित में हर नागरिक की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना ही सच्चा राष्ट्रधर्म है।

*सत्य सनातन सर्वदा | जय हिन्द*

*🖋️ कार्यालय सचिव*  
_डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच, नई दिल्ली_  

*परम पूज्य संरक्षक:*  
*परमहंस संत शिरोमणि हिन्दू रत्न सदानंद जी महाराज*

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