*💔😔 बात दिल को छू गई...*
*चुपचाप सहते रहो तो 🙂*
*आप अच्छे हो ✨*
*और अगर बोल पड़े तो 🥀*
*आपसे बुरा कोई नहीं..*
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*बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल जी का उद्बोधन:*
_"यह दर्द सिर्फ आपका नहीं, हर स्वाभिमानी इंसान का है।_
_समाज का दस्तूर देखो:_
*1. 'जी हुज़ूर' कहो* – संस्कारी कहलाओगे।
*2. 'ना हुज़ूर' कह दो* – बदतमीज कहलाओगे।_
_डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नेहरू के सामने 'चुप' नहीं रहे – बोल पड़े।_
_नतीजा? मंत्रिमंडल छोड़ना पड़ा, 'बागी' कहलाए।_
_पर आज इतिहास उन्हें 'महानायक' कहता है।_
_राम ने कैकेयी की बात चुपचाप मान ली – 'मर्यादा पुरुषोत्तम' कहलाए।_
_कृष्ण ने कंस के सामने चुप रहने से इनकार किया – 'माखन चोर' से 'द्वारकाधीश' बन गए।_
_असल में बुरा वो नहीं जो बोल पड़ता है,_
_बुरा वो है जो गलत को सहकर भी 'अच्छा' बनने का नाटक करता है।_
_याद रखो:_
*चुप रहना सहनशीलता है, पर अन्याय पर चुप रहना कायरता है।*
*बोलना बदतमीजी नहीं, सच बोलना शेर का काम है।*
_इसलिए बाबूजी कहते हैं:_
_'अच्छे' बनकर घुट-घुटकर मत जियो,_
_'सच्चे' बनकर सिर उठाकर जियो।_
_क्योंकि दुनिया 'अच्छों' को भूल जाती है,_
_पर 'सच्चों' को मिसाल बनाती है।_
_अगर बोलने से आप 'बुरे' लगते हैं,_
_तो ये 'बुराई' सबसे पवित्र है।_
*अपना स्वाभिमान मत मारो* 💪
*जय श्री राम | भारत माता की जय*
*– बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल*
*डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच*
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*आज की लाइन:*
_सहन करना भी ठीक है,_
_पर स्वाभिमान बेचकर नहीं_ 🚩
_बोल पड़े तो 'बुरे' सही,_
_पर जमीर तो 'अच्छा' है* ✨
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