*28 मई 1883 - वीर सावरकर जयंती पर शत्-शत् नमन* 🙏🚩
*"स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर"* - मातृभूमि के लिए सर्वस्व अर्पण करने वाले महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रचिंतक, लेखक और समाज सुधारक।
*वीर सावरकर जी का जीवन परिचय*:
1. *क्रांति की ज्वाला*: मात्र 15 वर्ष की आयु में "मित्र मेला" और बाद में "अभिनव भारत" जैसे क्रांतिकारी संगठन बनाए
2. *काला पानी की सजा*: अंडमान की सेल्युलर जेल में 11 वर्ष का अमानवीय कारावास - दो-दो जन्मों की सजा काटी
3. *हिंदुत्व का दर्शन*: "हिंदू कौन है" ग्रंथ में हिंदुत्व को सांस्कृतिक-राष्ट्रीय पहचान के रूप में परिभाषित किया
4. *साहित्यकार*: "1857 का स्वातंत्र्य समर", "मोपला", "काला पानी" जैसी कालजयी रचनाएँ दीं
5. *समाज सुधारक*: जाति-प्रथा, छुआछूत के घोर विरोधी - पतित पावन मंदिर बनवाया
*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी* भी हमेशा कहते हैं - _"सावरकर जी का त्याग, तप और राष्ट्रभक्ति हर भारतीय के लिए प्रेरणा है"_। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही *"एक भारत, श्रेष्ठ भारत"* का सपना साकार हो रहा है।
*हिंदू रत्न राहुल गोयल जी* जैसे युवा कार्यकर्ता भी वीर सावरकर जी के *"राष्ट्रधर्म सर्वोपरि"* के सिद्धांत को जीते हैं - तभी 380 किमी बाइक से सफर हो या 17 बार जेल जाना, हर कदम भारत माता के लिए है।
*"तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा"* की तर्ज पर सावरकर जी ने कहा था - *"राष्ट्र के लिए जियो, राष्ट्र के लिए मरो"*।
*स्वातंत्र्यवीर सावरकर जी को कोटि-कोटि नमन* 🙏
*जय हिंद | वंदे मातरम् | भारत माता की जय*
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