*👏🏻🌹 सुप्रभात जी 🌹👏🏻*
*कांटों को दोष देना ठीक नहीं हैं,*
*पैर हमने रखा था वो तो अपनी जगह सही थे l*
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*बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल जी का चिंतन:*
_"वाह! जीवन का सबसे बड़ा सत्य 2 लाइनों में कह दिया।_
_कांटा अपना धर्म निभा रहा है – चुभना।_
_हमारा धर्म क्या है? – देखकर चलना।_
_जब पैर हमने रखा, तो दर्द हमारा है, दोष कांटे का कैसे?_
_डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कहते थे – 'परिस्थिति को मत कोसो, पुरुषार्थ को जगाओ'।_
_नेहरू ने कश्मीर में धारा 370 का कांटा बो दिया।_
_मुखर्जी जी ने कांटे को गाली नहीं दी, खुद कश्मीर जाकर बलिदान दे दिया।_
_आज वो कांटा निकल चुका है – क्योंकि किसी ने पैर रखने से पहले रास्ता साफ करने की ठानी थी।_
_जीवन में भी ऐसे ही:_
*1. असफलता मिली?* – तैयारी में कमी थी, किस्मत को मत कोसो।
*2. धोखा मिला?* – भरोसा आंख बंद करके किया था, दुश्मन को मत कोसो।
*3. समय खराब है?* – कर्म खराब था, घड़ी को मत कोसो।
_राम ने कैकेयी को दोष नहीं दिया – वन स्वीकार किया।_
_कृष्ण ने मामा कंस को कोसते नहीं रहे – कर्म करके धर्म स्थापित किया।_
_इसलिए बाबूजी कहते हैं:_
_'रास्ते में कांटे हैं तो चप्पल पहनो, पर चलना मत छोड़ो।_
_और अगर चप्पल न हो तो हौसले से चलो –_
_क्योंकि कांटे पैर में चुभते हैं, इरादों में नहीं'।_
*आज का मंत्र:*
_दोष देना बंद, कदम उठाना शुरू।_
_क्योंकि मंजिलें इंतजार करती हैं, बहाने नहीं।_
*आपका दिन शुभ हो* 💪
*जय श्री राम | भारत माता की जय*
*– बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल*
*डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच*
*91-9414402558*
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*स्टेटस लाइन:*
_कांटा भी सबक दे गया –_
_दर्द अपना है तो जिम्मेदारी भी अपनी_ 🚩
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