*🚩🙏 जय श्री राम 🙏🚩*
*हिम्मत कभी न हारो मन की,*
*स्वयं पर अटूट विश्वास रखो।*
*मंजिल खुद पहुंचेगी तुम तक,*
*मन में सोच कुछ खास रखो।*
*बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल जी का उद्बोधन:*
_"राम जब लंका गए थे तो सेना नहीं, *विश्वास* लेकर गए थे।_
_हनुमान जब समुद्र लांघे थे तो पंख नहीं, *हिम्मत* लेकर गए थे।_
_डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जब कश्मीर के लिए दिल्ली छोड़ी,_
_तो उनके पास कुर्सी नहीं थी, *संकल्प* था।_
_जेल गए, बलिदान दिया – पर झुके नहीं, रुके नहीं।_
_आज बंगाल लड़ रहा है, नासिक जाग रहा है, निकोबार खड़ा हो रहा है।_
_क्यों? क्योंकि मन में 'कुछ खास' है – *राष्ट्र प्रथम की सोच*।_
_याद रखो:_
_थक कर बैठोगे तो मंजिल नाराज हो जाएगी।_
_चलते रहोगे तो रास्ता खुद सलाम करेगा।_
_गिरो, पर गिरकर उठना सीखो।_
_हारो, पर हारकर जीतना सीखो।_
_क्योंकि राम ने भी वनवास देखा, कृष्ण ने भी कारागार देखा –_
_पर इतिहास ने उन्हें भगवान बना दिया।"_
*आज का मंत्र:*
*हिम्मत + विश्वास + कर्म = मंजिल*
*🌹🙏 राम राम जी 🙏🌹*
*– बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल*
*राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच*
*91-9414402558 | dspmrvm@gmail.com*
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*सुप्रभात संदेश:*
_सुबह उठो तो मन में बोलो – 'मैं कर सकता हूं'_
_रात सोओ तो मन में बोलो – 'मैंने कर दिखाया'_
_बस यही 'खास सोच' तुम्हें आम से खास बना देगी_ 🚩
+91-9024234521, 9414402558
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